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माज़ी के अलम हाल को खाने नहीं आते

माज़ीकेअलमहालकोखानेनहींआते वापसतोपलटकरवोज़मानेनहींआते
कितनाहैबयाबानमेरीज़ातकाजंगल अरमाँभीयहाँशोरमचानेनहींआते
जोआँखकोमोतीमिले , लौटाएँकिसेहम क़र्ज़ेयेअभीहमकोचुकानेनहींआते

जो मुफ़्त में बंट रही हो इंग्लिश , तो क्या हलाल ओ हराम साहेब

जोमुफ़्तमेंबंटरहीहोइंग्लिश , तोक्याहलालओहरामसाहेब "डटाहैहोटलकेदरपेहरइक , हमेंभीदोएकजामसाहेब "
हज़ारेकीबहतीगंगामेंअबनहारहेबाबारामसाहेब हुआहैफैशनमेंमेंढकीको , नयानयायेज़ुकाम

दिल में सैराबी का एहसास जगाना होगा

दिलमेंसैराबीकाएहसासजगानाहोगा थपकियाँदेकेज़रुरतकोसुलानाहोगा
अबबनेयानबने , साथतोताउम्रकाहै अबकिसीतौरतोक़िस्मतसेनिभानाहोगा
आजबंजरहै