Posts

Showing posts from January 30, 2019

दिल ने दुनिया से जंग ठानी है

दिल ने दुनिया से जंग ठानी है अपनी तक़दीर आज़मानी है دل نع دنیا سے جنگ ٹھانی ہے اپنی تقدیر آزمانی ہے
अब भी इतनी ही बस कहानी है
एक राजा है एक रानी है
اب بھی اتنی ہی بس کہانی ہے
ایک راجہ ہے، ایک رانی ہے

है यही दिल की दास्ताँ अब तक
इक मोहब्बत है इक जवानी है
ہے یہی دل کی داستاں اب تک
اک محبت ہے اک جوانی ہے

आँधियों से कहो ज़रा दम लें शम्मा इक राह में जलानी है آندھیوں سے کہو ذرا دم لیں شمع اک راہ میں جلانی ہے
ज़िन्दगी ही कभी तलातुम थी अब तलातुम में ज़िन्दगानी है زندگی ہی کبھی طلاطم تھی اب طلاطم میں زندگانی
हों मुक़ाबिल हज़ारहा तूफ़ाँ कब किसी की जुनूँ ने मानी है ہوں مقابل ہزارہا طوفاں کب کسی کی جنوں نے مانی ہے
आस्माँ वुसअतें संभाल अपनी आज उड़ने की हम ने ठानी है آسماں وسعتیں سنبھال اپنی آج اڑنے کی ہم نے ٹھانی ہے
क्या कहें इस में कितने तूफ़ाँ हैं आँख में बूँद भर जो पानी है کیا کہیں اس میں کتنے طوفاں ہیں آنکھ میں بوند بھر جو پانی پے
जुस्तजू में ज़रा सी राहत की ख़ाक दर दर की हम ने छानी है جستتو میں ذرا سی راحت کی خاک در در کی ہم نے چھانی ہے
बस बदलते रहे हैं क़िस्सा गो इश्क़ की दास्ताँ पुरानी है بس بدلتے رہے ہیں قصہ گو عشق کی …