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Showing posts from December 8, 2018

तस्वीर-ए-ज़िन्दगी में धनक रंग भर गए

तस्वीर-ए-ज़िन्दगी में धनक रंग भर गए ख़ुशबू के क़ाफ़िले मेरे दिल से गुज़र गए
सैलाब कितने आज यहाँ से गुज़रगए आँखों में जो बसे थे, सभी ख़्वाब मर गए
दर दर फिरी हयात सुकूँ के लिएमगर वहशत हमारे साथ रही, हम जिधर गए
सीने में कुछ तो टीसता रहता है रोज़-ओ-शब मजबूरियों के यूँ तो सभी ज़ख़्म भर गए
नाज़ुक से ख़्वाब जल के कहीं ख़ाक हो न जाएँ हम जलती आरज़ू की तमाज़त से डर गए
पैकर वो रौशनी का जो उतरा निगाह में कितने हसीन ख़्वाब नज़र में सँवर गए
सैलाब ऐसा आया वफ़ा केजहानमें "दिल में उतरने वाले नज़र से उतर गए"
जिन से ख़याल-ओ-ख़्वाब की दुनिया जवान थी "मुमताज़" वो हसीन नज़ारे किधर गए
tasweer e zindagi meN dhanak rang bhar gae khushboo ke qaafile mere dil se guzar gae