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Showing posts from November 10, 2018

कभी तशवीश में रहना कभी हैराँ होना

कभीतशवीशमेंरहनाकभीहैराँहोना इकअज़ीयतहीतोहैइश्क़मेंइम्काँहोना
इश्क़कोख़ुदहीसमझजाओगे, देखोतोकभी रौशनीदेखकेपरवानेकारक़्साँहोना
सहरअंगेज़हैतख़्लीक़-ए-बशर का लम्हा एकक़तरे <