Posts

Showing posts from December 23, 2018

अपना चर्चा आम बहुत है

अपना चर्चा आम बहुत है अब दिल को आराम बहुत है
रेशम वेश्म क्या करना है हम को इक एहराम1 बहुत है
तेरीयादें, तेरातसव्वर करने को ये काम बहुत है
चाहत वाहत, धड़कन वड़कन इस दिल में हंगाम बहुत है
देखो तो इक दर्द मिला है सोचो तो ये दाम बहुत है
क़िस्सा-ए-दिल दिलचस्प है, माना पर इस में इबहाम2 बहुत है
बस कुछ पल हमराह3 चला वो समझो तो इक गाम4 बहुत है
हम यूँ भी "मुमताज़"5 हैं, हम पर लोगों का इकराम6 बहुत है 1-