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Showing posts from August 1, 2018

कितनी तरकीबों से इस दिल को मनाया होगा

कितनीतरकीबोंसेइसदिलकोमनायाहोगा दर्दकाअक्सबमुश्किलजोछुपायाहोगा
हरतमन्नाकोलहूदिलकापिलायाहोगा तबकहींउसकोनिगाहोंसेगिरायाहोगा
उसको

मुझ में दोज़ख़ सा ये जलता क्यूँ है

मुझमेंदोज़ख़सायेजलताक्यूँहै ख़ूनलावासाउबलताक्यूँहै
मुझसेइतनीजोअदावतहै तुझे फिरमेरेसाथभीचलताक्यूँहै
बारहाघुल के मेरा ज़ख़्मी वजूद नितनएसांचोंमें

रोए है , न तडपे है , न फ़रियाद करे है

रोएहै , नतडपेहै , नफ़रियादकरेहै तन्हाईकीबस्तीयेदिलआबादकरेहै
हरतार-ए-गरेबाँसितमईजादकरेहै अबआमजुनूँसबमेरीरूदादकरेहै
वहशतकाहर