बारिश


झमकता  झूमता  बरसा  है  पानी
गरज  कर  हो  गए  आमादा  बादल  जंग  करने  को
उतरती  आती  हैं  चांदी  की  लड़ियाँ  आसमानों  से
इन्हीं  की  लय  पे  बिजली  रक्स  करती  है
चमकती  है
मचलती  है
मचल  कर  जगमगाती  है
मैं  खिड़की  पर  खड़ी  हूँ
फुहारें  नर्म  नाज़ुक  सी
मेरे  गालों  पे  बोसा  दे  रही  हैं
और  दिल  मदहोश  होता  जा  रहा  है
हवाएं  छेड़ती  हैं  ज़ुल्फ़    बरहम  को
ये  बारिश  कितनी  मुद्दत  बाद  आई  है
ये  बारिश  आज  बरसों  बाद  आई  है

jhamakta jhoomta barsa hai paani
garaj kar ho gae aamaada baadal jang karne ko
utarti aati haiN chaandi ki ladiyaN aasmaanoN se
inhiN ki lay pe bijli raqs karti hai
chamakti hai,
machalti hai
machal kar jagmagaati hai
maiN khidki par khadi hooN
phuhaareN narm nazuk si
mere gaaloN pe bosa de rahi haiN
aur dil madhosh hota jaa raha hai
hawaaeN chhedti haiN zulf e barham ko
ye baarish kitni muddat baad aai hai
ye baarish aaj barsoN baad aai hai


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