रेज़ा रेज़ा ज़िन्दगी

एक भी खोने न पाया तेरा टुकड़ा ज़िन्दगी
किस तरह हम ने संभाली रेज़ा रेज़ा ज़िन्दगी

बेरुख़ी देखी ज़माने की तो अंदाज़ा हुआ
कैसे पल भर में बदल लेती है लहजा ज़िंदगी

हर क़दम इक आज़माइश, हर नफ़स इक इम्तेहाँ
कुछ तो कह, क्या है भला तेरा इरादा ज़िन्दगी

ये सफ़र की वुसअतें और तू अभी से थक गई
चंद साँसें हैं अभी ऐ मेरी मुर्दा ज़िन्दगी

ये तेरा बेशक्ल चेहरा, ये तेरा बदख़ू निज़ाम
हम ने हर लहज़ा तेरा रक्खा है पर्दा ज़िन्दगी

ये ग़म-ए-दौराँ की वुसअत, दर्द की बेताबियाँ
है किसे फ़ुरसत सुने अब तेरा नौहा ज़िन्दगी

मैं तुझे चाहूँ, न चाहूँ, करना तो होगा निबाह
मेरी धड़कन पर भी है तेरा इजारा ज़िन्दगी

कितने कम एहसास, कितनी वुसअतें तन्हाई में
कितनी कम जीने की हिस, कितनी ज़ियादा ज़िन्दगी

ये थकन, ये वहशतें, महरूमियों की ये जलन
हम इस आतिश में जले शाना ब शाना ज़िन्दगी

रेज़ा रेज़ा टुकड़ा टुकड़ा, वुसअतें फैलाव, बदख़ू बुरी आदत वाला, निज़ाम व्यवस्था, लहज़ा पल, नौहा दुख का गीत, इजारा हुकूमत, हिस महसूस करने की क्षमता, शाना ब शाना कंधे से कंधा मिला कर

ایک  بھی  کھونے  نہ  پایا  تیرا  ٹکڑا  , زندگی
کس  قدر  ہم  نے  سمبھالی  ریزہ  ریزہ  زندگی

بےرخی  دیکھی  زمانے  کی  تو  اندازہ  ہوا
کیسے  پل  بھر  میں  بدل  لیتی  ہے  لہجہ  زندگی

ہر  قدم  اک  آزمائش , ہر  نفس  اک  امتحان
کچھ  تو  کہ , کیا   ہے  بھلا  تیرا  ارادہ  زندگی

یہ  سفر  کی  وسعتیں  , اور  تو  ابھی  سے  تھک  گئی ؟
چند  سانسیں  ہیں  ابھی , اے  میری  مردہ  زندگی

یہ  تیرا  بےشکل  چہرہ , یہ  تیرا  بدخو  نظام
ہم  نے  ہر  لہذا  تیرا  رکّھا   ہے  پردہ  زندگی

یہ  غم  دوران  کی  وسعت  , درد  کی  بیتابیاں
ہے  کسے  فرصت , سنے  اب  تیرا  نوحہ , زندگی

میں  تجھے  چاہوں  نہ  چاہوں , کرنا  تو  ہوگا  نباہ
میری  دھڑکن  پر  بھی  ہے  تیرا  اجارہ , زندگی

کتنے  کم  احساس , کتنی  وسعتیں  تنہائی  میں
کتنی  کم  جینے  کی  حس , کتنی  زیادہ  زندگی

یہ  تھکن , یہ  وحشتیں , محرومیوں  کی  یہ  جلن
ہم  اس  آتش  میں  جلے  شانہ  بہ  شانہ  زندگی


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