कितनी तरकीबों से इस दिल को मनाया होगा


कितनी  तरकीबों  से  इस  दिल  को  मनाया  होगा
दर्द  का  अक्स  मुश्किल  जो  छुपाया  होगा

हर  तमन्ना  को  लहू  दिल  का  पिलाया  होगा
तब  कहीं  उस  को  निगाहों  से  गिराया  होगा

उस  को  जब  तर्क--'अल्लुक़  ने  सताया  होगा
जुस्तजू  में  वो  मेरी  दूर  तक  आया  होगा

लौट  आए  तेरी  देहलीज़  से  ये  सोच  के  हम
तेरी  महफ़िल  में  बहुत  तंज़    क़िनाया होगा

चल  दिए  हम  जो, तो  ठहरे  न किसी  तौर  मगर  
माना  दिल  ने  तो  बहुत  शोर  मचाया  होगा

आई  होंगी  कई  यादें  उसे  बहलाने  को
शब्  की  तारीकी  ने  ये  जश्न  मनाया  होगा

मैं  बिखर  कर  भी  यही  सोच  रही  हूँ  कब  से
क्या  भला  उस  ने  मुझे  तोड़  के  पाया  होगा

   मेरी  आस , ज़रा  ठहर ,   इतना  भी  मचल
"कौन  आएगा  यहाँ , कोई    आया  होगा"

बेख़याली  में  उठा  लाए  थे  जो  ख़्वाब कभी
क्या  ख़बर  थी  के  वो  'मुमताज़ ' पराया  होगा


کتنی  ترکیبوں  سے  اس  دل  کو  منایا  ہوگا
درد  کا  عکس  بمشکل  جو  چھپایا  ہوگا

ہر  تمنا کو  لہو  دل  کا  پلایا  ہوگا
تب  کہیں  اس  کو  نگاہوں  سے  گرایا  ہوگا

اس  کو  جب  ترک_تعلّق  نے  ستایا  ہوگا
جستجو  میں  وہ  مری  دور  تک  آیا  ہوگا

لوٹ  آئے  تری  دہلیز  سے  یہ  سوچ  کے  ہم
تری  محفل  میں  بہوت  طنز  و  قنایہ  ہوگا

چل  دئے  ہم  تو  کسی  طور  نہ  ٹھہرے  لیکن
مانا  دل  نے  تو  بہوت  شور  مچایا  ہوگا

آئ  ہونگی  کئی  یادیں  اسے  بہلانے  کو
شب  کی  تاریکی  نے  یہ  جشن  منایا  ہوگا

میں  بکھر  کر  بھی  یہی  سوچ  رہی  ہوں  کب  سے
کیا  بھلا  اس  نے  مجھے  توڑ  کے  پایا  ہوگا

اے میری  آس, ذرہ  ٹھہر , نہ  اتنا  بھی  مچل
"کون  آئیگا  یہاں , کوئی  نہ  آیا  ہوگا"

بےخیالی  میں  اٹھا  لائے تھے  جو  خواب  کبھی
کیا  خبر  تھی  کہ  وہ  'ممتاز ' پرایا  ہوگا

Comments


  1. माशाअल्लाह बहुत सुक्रगुजर हूँ fb पर ऐसे लोग भी है, जिनको हमे पढ़ने का पहली बार मौका मिला आभी सादाब सलीम के कोड करने केबाद।

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