आँखों को ख़्वाब कितने सुनहरे दिखा गया


आँखों को ख़्वाब कितने सुनहरे दिखा गया
दो लफ़्ज़ों में वो पूरी कहानी लिखा गया
दे कर तमाम हैरतें, कह कर वो एक बात
आँखों को बोलने का सलीक़ा सिखा गया

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