न कोई दवा न इलाज है, ये मरज़ वो कैसा लगा गया

  कोई  दवा    इलाज  है, ये  मरज़  वो  कैसा  लगा  गया
मेरी  साँस  साँस  बिखर  गई, मेरी  ज़िन्दगी  से  वो  क्या  गया

ज़रा  बुझ  चली  थी  ये  आग  अभी, वो  हवाएँ  दे  के  जला  गया
दिल ग़मज़दा  को  उम्मीद  के  कई  ख़्वाब  फिर  वो  दिखा  गया

  तो  होश  है,   जुनूँ  रहा,   क़रार  है, न सुकूँ रहा  
मेरी  राहतें, मेरी  चाहतें, कहाँ  जाने  सब  वो  छुपा  गया 

हुआ  ख़त्म  लो  ये  क़रार  भी, कि सिकुड़ गया ये हिसार भी  
सर    रहगुज़र  मुझे  देख  कर  वो  निगाह  आज  चुरा  गया

कहीं  चूर  चूर  हैं  हसरतें, कहीं  रेज़ा  रेज़ा  हैं चाहतें
मेरे  आबले    सिसक  उठें, जो  ये  किरचियाँ  वो  बिछा  गया

कोई  अक्ल    फ़हम  का  सिलसिला,   तो  फ़िक्र  है,   कोई  गिला
"जो  कहा  गया  वो  सुना  गया, जो  सुना  गया, वो  कहा  गया"

जो  वरक़  वरक़  पे  लिखा  है  अब, वही याद है वही नाम  है
मेरी  ज़िन्दगी  की  किताब  से  मेरा  नाम  ही  वो  मिटा  गया

मरज़= बीमारी, ग़मज़दा= दुखी, ख़्वाब= सपने, जुनूँ= पागलपन, वरक़= पन्ना, सर रहगुज़र= रास्ते में, रेज़ा= टुकड़ा, आबले= छाले, किरचियाँ= टुकड़े


نہ  کوئی  دوا  نہ  علاج  ہے  یہ  مرض  وہ  کیسا  لگا  گیا
میری  سانس  سانس  بکھر  گئی , میری  زندگی  سے  وہ  کیا  گیا 

ذرا  بجھ  چلی  تھی  یہ  آگ  ابھی , وہ  ہوایں  دے  کے  جلا  گیا
دل_ غمزدہ  کو  امید  کے  کئی  خواب  پھر  وہ   دکھا  گیا

نہ  تو  ہوش  ہے , نہ  جنوں  رہا , نہ  سکون  ہے , نہ  قرار  ہے
میری  راحتیں , میری  چاہتیں , کہاں  جانے  سب  وہ   چھپا  گیا 

یہ  بھی  قصّہ  پورا  نہ  ہو  سکا , ہوا  ختم  لو  یہ  قرار  بھی
سر_ رہگزر  مجھے  دیکھ  کر  وہ  نگاہ  آج  چرا  گیا

کہیں  چور  چور  ہیں  حسرتیں , کہیں  ریزہ  ریزہ  وہ  خواب  ہیں
میرے  آبلے  نہ  سسک  اٹھیں , جو  یہ  کرچیاں  وہ  بچھا  گیا

کوئی  عقل  و  فہم  کا  سلسلہ , نہ  تو  فکر  ہے , نہ  کوئی  گلہ
"جو  کہا  گیا  وہ  سنا  گیا , جو  سنا  گیا , وہ   کہا  گیا "

جو  ورق  ورق  پہ  لکھا  ہے  اب , 'ممتاز ' اس کا ہی  نام  ہے
میری  زندگی  کی  کتاب  سے  میرا  نام  ہی  وہ   مٹا  گیا

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