जमूद अंगेज़ ईमाँ में भंवर आना ज़रूरी है


जमूद अंगेज़ ईमाँ में भंवर आना ज़रूरी है
अब इक तूफ़ान--इबरत का इधर आना ज़रूरी है

गुमाँ के मोड़ से आगे सफ़र जारी जो रखना हो
तो फिर माज़ी के मरने की ख़बर आना ज़रूरी है

बलंदी चाहिए परवाज़ में तो मेरे ख़्वाबो
शजर पर दिल के हसरत का समर आना ज़रूरी है

तरन्नुम से तो शेरों में असर पैदा नहीं होता
अदा से कुछ नहीं होता, हुनर आना ज़रूरी है

हर इक उम्मीद की ज़ौ को सियाही खाए जाती है
अब इस तारीक शब की तो सहर आना ज़रूरी है

चराग़--दिल जलाने से भी तारीकी नहीं मिटती
ज़मीं पर आसमाँ का अब उतर आना ज़रूरी है

तमन्ना तोडती है दम, उम्मीदें बुझती जाती हैं
किसी उम्मीद का "मुमताज़" बर आना ज़रूरी है

جمود  انگیز  ایماں میں  بھنور  آنا  ضروری  ہے
اب  اک  طوفان_عبرت  کا  ادھر  آنا  ضروری  ہے

گماں کے  موڑ سے  آگے  سفر  جاری  جو  رکھنا  ہو
تو  پھر  ماضی  کے  مرنے  کی  خبر  آنا  ضروری  ہے

بلندی  چاہئے  پرواز میں  تو  اے میرے  خوابوں
شجر  پر  دل  کے  حسرت  کا  ثمر  آنا  ضروری  ہے

ترنّم  سے  تو  شعروں  میں  اثر  پیدا  نہیں  ہوتا
ادا  سے  کچھ  نہیں  ہوتا , ہنر  آنا  ضروری  ہے

ہر  اک  امید  کی  ضو کو  سیاہی  کھاے  جاتی  ہے
اب  اس  تاریک  شب  کی  تو  سحر  آنا  ضروری  ہے

چراغ_دل  جلانے  سے  بھی  تاریکی  نہیں  مٹتی
زمیں پر  آسماں کا  اب  اتر  آنا  ضروری  ہے

ارادہ  ہے  فلک  کو  چومنے  کا  تو  میرے  ہمدم
"نظر  کی  حد  سے  آگے  کا  نظر  آنا  ضروری  ہے "

تمنا توڑتی  ہے  دم , امیدیں  بجھتی  جاتی  ہیں
کسی  امید  کا  "ممتاز " بر  آنا  ضروری  ہے



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