बनी जाती है नाहक़ ज़िद तेरी यलग़ार का बाइस


बनी  जाती  है  नाहक़ ज़िद  तेरी  यलग़ार का  बाइस
यक़ीं हद  से  ज़ियादा बन    जाए  हार  का  बाइस

अना  ने  ज़हन की  ज़रखेज़  मिट्टी  में  जो  ज़िद  बोई
ज़रा  सा  मस'अला  फिर  बन  गया  तक़रार का  बाइस

ग़ुरूर ईमान  ने  फ़िरऔनियत   का  बारहा  तोडा
लहू  फिर  बन  गया  नापाकी    ज़ुन्नार का  बाइस

ज़माना  अडचनें  हाइल करे  अब  लाख  राहों  में
मेरा  रद्द    अमल  होगा  मेरी  रफ़्तार  का  बाइस

ज़माने  से  गिला  कैसा , मुक़द्दर  से  शिकायत  क्या
"अमल  मेरा  बना  है  ख़ामी    किरदार  का  बाइस"

हुई  है  रेज़ा  रेज़ा  ज़ात  तो  आवाज़  आई  है
शिकस्त--दिल  बना  "मुमताज़" इस  झंकार  का  बाइस


بنی  جاتی  ہے  ناحق  ضد  تری  یلغار  کا  باعث 
یقین  حد  سے  زیادہ  بن  نہ  جائے  ہار  کا  باعث 

انا  نے  ذہن  کی  زرخیز  مٹی  میں  جو  ضد  بوئی 
ذرا  سا  مس الہ  پھر  بن  گیا  تقرار  کا  باعث 

غرور  ایمان  نے  فرعونیت  کا  بارہا  توڑا 
لہو  پھر  بن  گیا  ناپاکی  ے زنار کا  باعث 

زمانہ  اڑچنیں حائل  کرے  اب  لاکھ  راہوں  میں
مرا  رد_عمل  ہوگا  میری  رفتار  کا  باعث 

زمانے  سے  گلا  کیسا , مقدّر  سے  شکایت  کیا
"عمل  میرا  بنا  ہے  خامی ے کردار  کا  باعث  "

ہوئی ہے  ریزہ  ریزہ  ذات  تو  آواز  آئ  ہے
شکست_دل  بنا  "ممتاز " اس  جھنکار  کا باعث


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