अपना चर्चा आम बहुत है


अपना चर्चा आम बहुत है
अब दिल को आराम बहुत है

रेशम वेश्म क्या करना है
हम को इक एहराम1 बहुत है

तेरी  यादें, तेरा  तसव्वर
करने को ये काम बहुत है

चाहत वाहत, धड़कन वड़कन
इस दिल में हंगाम बहुत है

देखो तो इक दर्द मिला है
सोचो तो ये दाम बहुत है

क़िस्सा--दिल दिलचस्प है, माना
पर इस में इबहाम2 बहुत है

बस कुछ पल हमराह3 चला वो
समझो तो इक गाम4 बहुत है

हम यूँ भी "मुमताज़"5 हैं, हम पर
लोगों का इकराम6 बहुत है
1- हज के दौरान पाहणी जाने वाली चादर, 2- अस्पष्टता, 3- साथ, 4- क़दम, 5- प्रतिष्ठित, 6- इज़्ज़त
apna charcha aam bahot hai
ab dil ko aaraam bahot hai

resham wesham kya karna hai
ham ko ik ehraam bahot hai

teri yaadeN, tera tasawwar
karne ko ye kaam bahot hai

chaahat waahat, dhadkan wadkan
is dil meN hangaam bahot hai

dekho to ik dard mila hai
socho to ye daam bahot hai

qissa e dil dilchasp hai, maana
par is meN ibhaam bahot hai

bas kuchh pal hamraah raha wo
samjho to ik gaam bahot hai

ham yuN bhi "Mumtaz" hain, ham par
logoN ka ikraam bahot hai

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