कभी तशवीश में रहना कभी हैराँ होना


कभी तशवीश में रहना कभी हैराँ होना
इक अज़ीयत ही तो है इश्क़ में इम्काँ होना

इश्क़ को ख़ुद ही समझ जाओगे, देखो तो कभी
रौशनी देख के परवाने का रक़्साँ होना

सहर अंगेज़ है तख़्लीक़-ए-बशर का लम्हा
एक क़तरे का यूँ ही फैल के तूफाँ होना

आह! इखलास--मोहब्बत का गराँ हो जाना
हाय! इस दौर में इंसान का अर्ज़ाँ होना

लुत्फ़ क्या ठहरे हुए आब में पैराकी का
कितना मुश्किल है किसी काम का आसाँ होना

मेरी हस्ती को समझना है तो बस यूँ समझो
एक तूफ़ाँ का किसी क़तरे में पिन्हाँ होना

आज के दौर की क़दरों की है ख़ूबी, कि यहाँ
"आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसां होना"

जज़्ब तूफ़ान को "मुमताज़" किया है दिल में
कोई आसाँ नहीं गुलशन में बयाबाँ होना

तशवीश = कशमकश, अजीअत = यातना, इम्काँ = उम्मीद, रक्सां = नाचता हुआ, सेहर अंगेज़ = जादू भरा, तख्लीक़ = रचना, क़तरा = बूँद, इखलास = सच्चाई, गरां = महंगा, अर्जां = सस्ता, पैराकी = तैराकी, पिन्हाँ = छुपा हुआ, जज़्ब करना = सोखना 

کبھی  تشویش  میں  رہنا  کبھی  حیراں  ہونا
اک  اذیت  ہی  تو  ہے  عشق  میں  امکاں  ہونا

عشق  کو  خود  ہی  سمجھ  جاؤگے , دیکھو  تو  سہی
روشنی  دیکھ  کے  پروانے  کا  رقصاں  ہونا

سحر  انگیز  ہے  انسان  کی  تخلیق , کہ یوں
ایک  قطرے  کا  یوں  ہی  پھیل  کے  طوفاں  ہونا

آہ ! اخلاص  و  محبت  کا  گراں  ہو  جانا
ہاۓ ! اس  دور  میں  انسان  کا  ارزاں  ہونا

لطف  کیا  ٹھہرے  ہوئے  آب  میں  پیراکی  کا
کتنا  مشکل  ہے  کسی  کام  کا  آساں  ہونا

میری  ہستی  کو  سمجھنا  ہے  تو  بس  یوں  سمجھو
ایک  طوفاں  کا  کسی  قطرے  میں  پنہاں  ہونا

آج  کے  دور  کی  قدروں  کی  ہے  خوبی , کے  یہاں
" آدمی  کو  بھی  میسر  نہیں  انساں  ہونا "

جذب  طوفان  کو  "ممتاز " کیا  ہے  دل  میں
کوئی  آساں  نہیں  گلشن  میں  بیاباں  ہونا


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