ओ हसीना


ओ हसीना
देख के क़ातिल तेरी अदाएँ
मुश्किल हुआ है जीना

जाने चमन, शोला बदन
लहराए तेरा गोरा बदन
धड़कन ये दिल की सदा तुझ को देगी
दीवाना मुझ को बना कर रहेगी
तेरी नज़र की मीना
ओ हसीना.............
शोख़ी भरी तेरी अदा
अंदाज़ तेरा सब से जुदा
खोई खोई निगाहें शराबी
भीगे हुए तेरे लब ये गुलाबी
दिल मेरा तू ने छीना
ओ हसीना...........
दीवानगी की जुस्तजू
सीने में तेरी है आरज़ू
दीवानगी मेरी क्या मुझ को देगी
आरज़ू मेरी दग़ा मुझ को देगी
ये आग दिल की बुझी ना
ओ हसीना.................

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