ग़ज़ल - हवा के रक़्स से पानी के साए टूट जाते हैं



हवा के रक़्स से पानी के साए टूट जाते हैं
हक़ीक़त की ज़मीं पर गिर के सपने टूट जाते हैं
HAWA KE RAQS SE PAANI KE SAAE TOOT JAATE HAIN
HAQEEQAT KI ZAMEE.N PE GIR KE SAPNE TOOT JAATE HAIN

बलन्दी रोज़ तो मिलती नहीं फ़नकार के फ़न को
कोई शहकार बनता है तो साँचे टूट जाते हैं
BALANDI ROZ TO MILTI NAHIN FUNKAAR KE FUN KO
KOI SHEHKAAR BANTA HAI TO SAANCHE TOOT JAATE HAIN

तराशा करता है ख़िल्वत में ज़हन-ए-बेकराँ जिनको
तसव्वर के वो पैकर गाहे गाहे टूट जाते हैं
TARASHA KARTA HAI KHILWAT MEN ZEHN E BEKARAA.N JIN KO
TASAWWAR KE WO PAIKAR GAAHE GAAHE TOOT JAATE HAIN

हों कितने भी सुनहरे, ख़्वाब तो फिर ख़्वाब होते हैं
कि ज़र्ब-ए-मस्लेहत से सारे वादे टूट जाते हैं
HON KITNE BHI SUNEHRE KHWAAB TO PHIR KHWAAB HOTE HAIN
KE ZARB E MASLEHAT SE SAARE VAADE TOOT JAATE HAIN

तड़पती है जो वहशत, बेड़ियाँ जब चीख़ उठती हैं
दर-ए-ज़िन्दान के फिर सारे क़ब्ज़े टूट जाते हैं
TADAPTI HAI JO WAHSHAT BEDIYAA.N JAB CHEEKH UTHTI HAIN
DAR E ZINDAAN KE PHIR SAARE QABZE TOOT JAATE HAIN

इरादों के परों पर हसरतें परवाज़ करती हैं
जुनूँ जब रक़्स करता है, सितारे टूट जाते हैं
IRAADO.N KE PARON PAR HASRATEN PARWAAZ KARTI HAIN
JUNOO.N JAB RAQS KARTA HAI SITAARE TOOT JAATE HAIN

शिकस्तों में हमेशा जीत भी पोशीदा होती है
हमारी मात होती है तो पाँसे टूट जाते हैं
SHIKASTO.N MEN HAMESHA JEET BHI POSHEEDA HOTI HAI
HAMAARI MAAT HOTI HAI TO PAANSE TOOT JAATE HAIN

गुज़र जाता है जो इक बार वो यादों की गलियों से
तो माज़ी की सभी परतों के टांके टूट जाते हैं
GUZAR JAATA HAI JO IK BAAR WO YAADO.N KI GALIYO.N SE
TO MAAZI KI SABHI PARTO.N KE TAANKE TOOT JAATE HAIN

मोहब्बत में बनावट की जगह होती नहीं साहब
तसन्नोअ से सभी मुमताज़ रिश्ते टूट जाते हैं
MOHABBAT MEN BANAAVAT KI JAGAH HOTI NAHIN SAAHAB
TASANNOA SE SABHI 'MUMTAZ' RISHTE TOOT JAATE HAIN


रक़्स
नृत्य, शहकार असाधारण रचना, ख़िल्वत अकेलापन, ज़हन-ए-बेकराँ अनंत मस्तिष्क, तसव्वर के पैकर कल्पना का साकार रूप, गाहे गाहे कभी कभी, ज़र्ब-ए-मस्लेहत दुनियादारी की चोट, दर-ए-ज़िन्दान क़ैदख़ाने का दरवाज़ा, क़ब्ज़े वो हिस्सा जो जिससे दरवाज़ा चौखट से जुड़ा होता है और खुलता बंद होता है, परवाज़ उड़ान, शिकस्त हार, पोशीदा छुपी हुई, तसन्नोअ दिखावा, मुमताज़ ख़ास 

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